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Sunday, February 22, 2009

गर्भावस्था में धूप सेंकने से बच्चों का बढ़ता है कद



Sent by- Shruti Aggarwal


लंदन. गर्मियों में गर्भावस्था के दौरान धूप का आनंद लेने वाली महिलाओं के बच्चे सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के शुरुआत में पैदा होने वाले बच्चों की तुलना में ज्यादा लंबे और स्वस्थ होते हैं। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के 18 वर्षो के अध्ययन में 90 बच्चों को शामिल किया गया था। इसमें पता चला कि गर्भावस्था में धूप का आनंद लेने वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चों में विटामिन डी का स्तर बढ़ जाता है, जो हड्डियों के निर्माण के दौरान कैल्शियम के साथ काम करता है।

Saturday, January 24, 2009

सर्दियां और आपका शिशु


अपने नवजात शिशु की देखभाल के लिए हर मां चिंतित रहती है और वह इसके लिए हर संभव कोशिश भी करती है। खास तौर से जब शिशु पहली बार सर्दी के मौसम का सामना कर रहा हो तो मां को भी कई बार समझ में नहीं आता कि वह अपने बच्चे को इस मौसम में होने वाली समस्याओं से कैसे बचाए। सर्दी के मौसम में वायरस और बैक्टीरिया बहुत तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। नवजात शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूर्णत: विकसित नहीं होती। इसलिए ये वॉयरस बहुत तेजी से उनके शरीर पर हमला करते हैं। बच्चों के शरीर में मौजूद एंटी बॉडीज और बैक्टीरिया के बीच संघर्ष होता है तो इसी की प्रतिक्रियास्वरूप उन्हें सर्दी-जुकाम, बंद नाक, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, गले और कान में इनफेक्शन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। बच्चों में होने वाली इस समस्या को सीजनल एफेक्टेड डिसॉर्डर (एसएडी) कहा जाता है।
दरअसल सर्दी के मौसम को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां बनी हुई हैं। अकसर लोग ऐसा समझते हैं कि इस मौसम में बच्चे ज्यादातर बीमार ही रहते हैं, पर सच्चाई यह है कि यह मौसम स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। अगर आप इन बातों का ध्यान रखें तो इस मौसम में भी आपका शिशु स्वस्थ रहेगा।
क्या करें
1. शिशु की सफाई का पूरा ध्यान रखें। उसे प्रतिदिन गुनगुने पानी से नहलाएं। ऐसा सोचना गलत है कि नहलाने से बच्चों को सर्दी-जुकाम हो जाता है।
2. अगर सर्दी-जुकाम के कारण बच्चे की नाक बंद हो तो एक ग्लास पानी उबाल कर उसे ठंडा करें और उसमें 1/4 टी स्पून नमक मिलाकर ड्रापर से दो-दो बूंद उसकी नाक में डालें। इससे उसकी बंद नाक आसानी से खुल जाएगी।
3. ऐसी समस्या होने पर बच्चे को स्टीम देना भी उसके लिए फायदेमंद साबित होगा।
4. अगर आप शिशु के कमरे में रूम हीटर चलाती हैं तो वहां पानी से भरा बर्तन रखें, इससे कमरे में ऑक्सीजन और नमी का स्तर संतुलित रहता है।
5. रात को सुलाते समय बच्चे को डॉयपर जरूर पहनाएं वरना देर तक गीले बिस्तर पर रहने से उसे सर्दी लग सकती है।
6. सुबह की धूप शिशु की सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है। इसमें विटमिन डी होता है, जो बच्चे के शरीर में कैल्शियम सोखने की क्षमता को बढाता है। अत: नवजात शिशु को सुबह थोडी देर के लिए धूप में जरूर लिटाना चाहिए।
क्या न करें
1. बच्चे को बहुत ज्यादा ऊनी कपडे न पहनाएं क्योंकि इससे पसीना आता है और पसीने की ठंडक के कारण उसे सर्दी-जुकाम हो सकता है।
2. शिशु को सुलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसका चेहरा न ढके। इससे उसकी सांस घुट सकती है।
3. बच्चे के कमरे में लगातार रूम हीटर न चलाएं बल्कि बीच में उसे थोडी-थोडी देर के लिए बंद कर दें।
4. नहलाने के तुरंत बाद शिशु को खुली हवा में न ले जाएं। इससे उसे सर्दी-जुकाम हो सकता है।
5. जहां तक संभव हो शाम को सूरज ढलने के बाद शिशु को साथ लेकर घर से बाहर खुली हवा में न निकलें।
6.एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सिर की त्वचा बहुत कोमल होती है इसलिए उन्हें सीधे ऊनी कैप न पहनाएं बल्कि पहले सूती कपडे के टुकडे को स्कार्फ की तरह उसके सिर पर बांधने के बाद ही उसे ऊनी कैप पहनाएं।
7. बच्चे को सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर उसे बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न दें।
(दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.पी.के. सिंघल से की गई बातचीत पर आधारित)